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Aamrapali

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बेताल ने कहा (कथा संकलन) बदलते सामाजिक मानदण्डों के प्रति सामज में जाग्रति पैदा करने के उद्देश्य से लिखी गई यह कहानियाँ साधनों की पवित्रता के प्रति उपेक्षाभाव के साथ आयी सफलताओं से उत्पन्न अराजकता के प्रति समाज को आगाह करती है। डा0 शिवजी श्रीवास्तव के अनुसार इन कहानियों में प्रयुक्त भाषा और शिल्प की प्रहारक क्षमता परसाई जी की याद दिलाती है।’’ उनके अनुसार ^^अमृतराय ने जिस कथा-रस को कहानी के लिए आवश..
  • Author Name: Gyanesh Srivastva,
  • ISBN: 8188062995
  • Total Pages: 96 pages
  • Edition: 1st Edition
  • Book Language: Hindi
  • Available Book Formats:Paperback
  • Year: 2016
  • Stock: In Stock
  • Brand: OnlineGatha
  • Reward Points: 10
  • ISBN: 8188062995
₹110
₹120
Reward Points: 340

Book Details

Pustak Details
Sold ByOnlineGatha
AuthorGyanesh Srivastva
ISBN-108188062995
FormatPaperback
LanguageHindi
Pages96 pages
Publication Year2016

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Book Description

बेताल ने कहा (कथा संकलन) बदलते सामाजिक मानदण्डों के प्रति सामज में जाग्रति पैदा करने के उद्देश्य से लिखी गई यह कहानियाँ साधनों की पवित्रता के प्रति उपेक्षाभाव के साथ आयी सफलताओं से उत्पन्न अराजकता के प्रति समाज को आगाह करती है। डा0 शिवजी श्रीवास्तव के अनुसार इन कहानियों में प्रयुक्त भाषा और शिल्प की प्रहारक क्षमता परसाई जी की याद दिलाती है।’’ उनके अनुसार ^^अमृतराय ने जिस कथा-रस को कहानी के लिए आवश्यक माना है वह कथा रस इस संकल की समस्त कहानियों में विद्यमान है। एक और विशेषता इन कहानियों की है। वह है इनका शिल्पगत प्रयोग, नई कहानी के पश्चात बहुत कम कथाकार ऐसे है जिन्हें शिल्प के माध्यम से पहचाना जा सकता है। ज्ञानेश यह पहचान बनाते नजर आते हS । बेताल के माध्यम से बात कहने की कला ज्ञानेश को एक अलग पहचान दिलाती है।’’