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Hindi


 चाँदनी रात में तुम
-25 %
by: Renuka
 "चाँदनी रात में तुम" एक ऐसी कविता संग्रह है जिसमें मैने कविताओं को प्रेम और विरह के रंग में ढ़ाल ने की कोशिश की है। इस काव्य धारा में कहीं राधिका के प्यार झलकता है तो कहीं विरह का दर्द को उकेरा है। किसी कविता में प्रेमिका के दिल की प्रेम को कविता में बहाने की कोशिश की तो कहीं प्रिय को खोने का ड..
₹120 ₹160
 मार्ग दर्शक चिन्तन
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
 मार्ग दर्शक चिन्तनद्वारा ..प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव विदग्ध जीवन में विचारो का महत्व सबसे अधिक होता है . हमारे प्रत्येक कार्य व्यवहार हमारे विचारो पर निर्भर करते हैं . विचारो की परिपक्वता के लिये चिंतन मनन जरूरी होता है . सकारात्मक चिंतन मनुष्य को नई दिशा देता है . ऐसे ही छोटे छोटे वैचार..
₹170 ₹200
 स्वयं प्रभा सरस कवितायें
-25 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
प्रो सी बी श्रीवास्तव विदग्ध गीत व सम सामयिक कविताओ व गजलो के परिपक्व हस्ताक्षर हैं . इस संग्रह में उनकी अनेक सरस कवितायें संग्रहित हैं संक्षिप्त परिचय प्रो.सी.बी.श्रीवास्तव "विदग्ध"वरिष्ठ साहित्यकार , कवि , अर्थशास्त्री , शिक्षाविद् बंगला नम्बर ओ.बी.११ विद्युत मंडल कालोनी , रामप..
₹113 ₹150
Haweli
-25 %
by: Book
समीक्षा : हवेलीप्रेम के विदरूप सच को उजागर करती :हवेली'हवेली' लता तेजेश्वर का पहला उपन्यास है। छब्बीस अनुच्छेदों से विभक्त उपन्यास का तानाबाना एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द बुना गया है जहां घटित होनेवाली अनेक घटनाओं के कारण रहस्य व रोमांच की स्थिति उत्पन्न होती है। उपन्यास का आरंभ अजनीश के माध्..
₹120 ₹160
अंतर्ध्वनि , 142  गेय कवितायें
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
कविता को समझने के लिये जरूरी है कि कवि को समझा जावे , उसके परिदृश्य , उसकी जिजिविषा , उसके रचना कर्म को प्रभावित करते ही हैं . अंतर्ध्वनि की समस्त १४२ गेय कवितायें प्रो सी बी श्रीवास्तव विदग्ध को समझे बगैर अधूरी हैं . उन्होने दिल से देश के लिये समाज और साहित्य के लिये जो रचनायें की हैं वे संग्रहित ह..
₹128 ₹150
अनुगुंजन ,गीत व कवितायें
-25 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
अनुगुंजनप्रो सी बी श्रीवास्तव की कविताओं में सरलता , सरसता, गेयता तथा दिशा-बोध बहुत साफ दिखाई देते हैं। विचारों की दृढ़ता तथा भावों की स्पष्टता के लिये उदाहरण स्वरूप अनुगुंजन से निम्नलिखित पंक्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं–:मंजिल कोई दूर नहीं है, चलने का अभ्यास चाहिये।दूरी स्वयं सिमट जाती है, मन का ..
₹113 ₹150
आक्रोश , समकालीन नई कविता
-25 %
by: Vivek Ranjan Shrivastav
आक्रोशयुवाओ के आक्रोश भरे स्वर समाज को जीवंत बनाये रखने के लिये आवश्यक होते हैं . इस पुस्तक में छोटी छोटी नई कवितायें संग्रहित हैं , सहज सरल प्रतीको के माध्यम से इस संग्रह की हर कविता एक शब्द चित्र बनाती है , और समाज की विसंगतियो को रेखांकित करती है . कविता के अंत में समस्या का समाधान भी कवि ने बताय..
₹26 ₹35
कौआ कान ले गया , हास्य व्यंग
-25 % Out Of Stock
by: Vivek Ranjan Shrivastav
जिस तरह बचपन में हमें चिढ़ाया जाता था कि कौआ कान ले गया और हम सच को समझे बगैर कौऐ की ओर देखने लगते थे , उसी तरह आज समाज में अफवाहें फैलती हैं , नेता गुमराह करते हैं , मीडिया शोर करता है और सच को जाने समझे बिना लोग दौड़ पड़ते हैं . यह ५स किताब के एक व्यंग लेख का विषय है .ऐसे ही अनेक विषयो को व्यंग के सम..
₹45 ₹60
देवयानी प्रबंध  काव्य
-25 %
by: Vasudevprasad Kher
स्व वासुदेव प्रसाद खरे का पुरस्कृत प्रबंध काव्यराजतन्त्र के शोषण के विरुद्ध , लोकतंत्र के लिये आवाज उठाता पौराणिक परिदृश्य पर रचित..
₹225 ₹300
बिजली का बदलता परिदृश्य
-15 %
by: Vivek Ranjan Shrivastav
बिजली का बदलता परिदृश्यबिजली का एक बटन दबाते ही हमारी दुनिया बदल जाती है. अन्धेरा दूर हो जाता है.ज़रूरत के मुताबिक या तो गर्मी छू मंतर हो जाती है या ठण्ड अपना दामन समेट लेती है.बिजली हमारे जीवन के लिए किसी सौगात से कम नहीं है.लेकिन इस वैज्ञानिक सौगात के बारे में अभी तक हिंदी में बहुत ज़्यादा  जान..
₹128 ₹150
मानस के मोती
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
वैचारिक चिंतन मंथन से रोजमर्रा की जिंदगी में भटके हुये मन का  पथ प्रदर्शन होता है . कम से कम सारगर्भित शब्दों में छोटे छोटे आलेखो के जरिये लेखक ने जैसे मन मानस का मंथन करके पाठको के लिये निचोड़ प्रस्तुत किया है . हर आलेख गुनने , सुनने , चिंतन करने और जीवन में उसके अनुसार व्यवहार करने को प्रेरित ..
₹128 ₹150
मानस मंथन ,लेखो का संग्रह
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
मानस मंथनराम चरित मानस गोस्वामी तुलसीदास कृत ऐसा महान ग्रंथ है जिसने देश से सुदूर भी सूरीनाम , इंडोनेशिया , दक्षिण अफ्रिका जैसे देशो मे ले जाये गये मजदूरो को भी सतत जीवंत प्रेरणा दी .मानस ने हमारी संस्कृति को तब भी जीवंत बनाये रखने में बड़ा योगदान दिया जब विदेशी आक्रांता देश को छिन्न भिन्न करने में ल..
₹106 ₹125
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