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Teen Talaq - Hardcover

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Teen Talaq - Hardcover
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पृथ्वी पर आदम एवं हौवा का जन्म हुआ। फिर मर्द और औरत का अस्तित्व धरती पर आया। मर्द और औरत दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं। किसी भी एक के न होने से प्रकृति का संतुलन गड़बड़ा जाएगा और गड़बड़ा भी रहा है। विवाह केवल हिंदू धर्म में ही नहीं अपितु हर धर्म में अनिवार्य माना जाता है। ‘तलाक, तलाक, तलाक’ के खौफनाक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पति ने जब उनके निकाह को अचानक खत्म करने का फैसला किया तो शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 1980 के दशक में बॉलीवुड की एक फिल्म ने पूरे देश में तीन तलाक पर एक बहस छेड़ दी थी, तब भी जमात-ए-इसलामी हिंद के चार पन्नों वाले ‘दैनिक दवात’ ने तीन तलाक को कुरान के मुताबिक बताया था। बरसों बाद लोगों का ध्यान तीन तलाक की इस लड़ाई की तरफ गया है। प्रसिद्ध सामाजिक टिप्पणीकार और फ्रंटलाइन के एसोशिएट एडिटर ज़ियाउस्सलाम ने ‘तीन तलाक’ में विस्तार से बताया है कि इसलाम मे..
Pustak Details
Sold ByPrabhat Prakashan
AuthorZiya Us Salam
ISBN-139789353226527
Edition1
FormatHardcover
LanguageHindi
Pages168
Publication Year2019
CategoryBooks/Politics/Political Structure & Processes

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Book Description

Teen Talaq - Hardcover

पृथ्वी पर आदम एवं हौवा का जन्म हुआ। फिर मर्द और औरत का अस्तित्व धरती पर आया। मर्द और औरत दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं। किसी भी एक के न होने से प्रकृति का संतुलन गड़बड़ा जाएगा और गड़बड़ा भी रहा है। विवाह केवल हिंदू धर्म में ही नहीं अपितु हर धर्म में अनिवार्य माना जाता है। ‘तलाक, तलाक, तलाक’ के खौफनाक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पति ने जब उनके निकाह को अचानक खत्म करने का फैसला किया तो शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 1980 के दशक में बॉलीवुड की एक फिल्म ने पूरे देश में तीन तलाक पर एक बहस छेड़ दी थी, तब भी जमात-ए-इसलामी हिंद के चार पन्नों वाले ‘दैनिक दवात’ ने तीन तलाक को कुरान के मुताबिक बताया था। बरसों बाद लोगों का ध्यान तीन तलाक की इस लड़ाई की तरफ गया है। प्रसिद्ध सामाजिक टिप्पणीकार और फ्रंटलाइन के एसोशिएट एडिटर ज़ियाउस्सलाम ने ‘तीन तलाक’ में विस्तार से बताया है कि इसलाम में तलाक की प्रक्रिया क्या है। तीन महीने की अवधि में दिए जानेवाले तलाक से लेकर खुला और तलाक-ए-तफवीज तक इस किताब ने एक मुसलिम दंपती के पास तलाक के मौजूद दूसरे तरीकों की चर्चा की है, जिनकी कोई बात ही नहीं करता है, क्योंकि सारी बहस तीन तलाक तक ही सीमित रहती है। इसके अवैधानिक घोषित किए जाने पर मुसलिम महिलाओं के जीवन को नई श्वास मिलेगी और उन्हें आसमान में उड़ने के लिए पंख मिलेंगे। तीन तलाक के सभी पहलुओं पर एक संपूर्ण पुस्तक।
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