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Safalta ke Liye 13 Sarvashreshtha Aadaten - Paperback

Safalta ke Liye 13 Sarvashreshtha Aadaten - Paperback
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Safalta ke Liye 13 Sarvashreshtha Aadaten - Paperback
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क्या आप जानते हैं कि आप जिस काम को करना चाहते हैं, उसकी शुरुआत से पहले आप अगर सारी परिस्थितियों के एकदम अनुकूल हो जाने का इंतजार करते हैं तो बरसों तक आप उसकी शुरुआत नहीं कर पाएँगे; क्योंकि परिस्थितियाँ कभी पूरी तरह अनुकूल नहीं होतीं। अगर आप किसी काम को हर हाल में करना चाहते हैं तो उससे जुड़ी सारी जानकारी जुटाएँ, सारे उपलब्ध साधनों को जुटा लें और उस समय की जैसी भी परिस्थिति है, उसी में उसकी शुरुआत कर दें।सारी नकारात्मकताओं, जैसे भय, ईर्ष्या, घृणा, द्वेष तथा लोभ से मुक्त सकारात्मक मन विश्वास को बढ़ाने के लिए अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं हो सकता कि आप अपने मन में ईर्ष्या, लोभ, भय, द्वेष या किसी भी प्रकार की अन्य नकारात्मकता को स्थान दें और उसके साथ ही साथ व्यावहारिक विश्वास के सिद्धांत का उपयोग करें।प्रकृति ने नदियों के लिए ऐसी योजना बनाई है कि वे सबसे कम विरोध के रास्ते को अपनाती हैं। टेढ..
Pustak Details
Sold ByPrabhat Prakashan
AuthorNapoleon Hill
ISBN-139789353228361
Edition1
FormatPaperback
LanguageHindi
Pages192
Publication Year2019
CategoryBooks/Health, Family & Personal Development/Personal Development & Self-Help

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Book Description

Safalta ke Liye 13 Sarvashreshtha Aadaten - Paperback

क्या आप जानते हैं कि आप जिस काम को करना चाहते हैं, उसकी शुरुआत से पहले आप अगर सारी परिस्थितियों के एकदम अनुकूल हो जाने का इंतजार करते हैं तो बरसों तक आप उसकी शुरुआत नहीं कर पाएँगे; क्योंकि परिस्थितियाँ कभी पूरी तरह अनुकूल नहीं होतीं। अगर आप किसी काम को हर हाल में करना चाहते हैं तो उससे जुड़ी सारी जानकारी जुटाएँ, सारे उपलब्ध साधनों को जुटा लें और उस समय की जैसी भी परिस्थिति है, उसी में उसकी शुरुआत कर दें।सारी नकारात्मकताओं, जैसे भय, ईर्ष्या, घृणा, द्वेष तथा लोभ से मुक्त सकारात्मक मन विश्वास को बढ़ाने के लिए अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं हो सकता कि आप अपने मन में ईर्ष्या, लोभ, भय, द्वेष या किसी भी प्रकार की अन्य नकारात्मकता को स्थान दें और उसके साथ ही साथ व्यावहारिक विश्वास के सिद्धांत का उपयोग करें।प्रकृति ने नदियों के लिए ऐसी योजना बनाई है कि वे सबसे कम विरोध के रास्ते को अपनाती हैं। टेढ़ी-मेढ़ी नदियाँ उर्वर डेल्टा बनाती हैं। यदि नदी सीधे समंदर तक जाती तो उनका बनना संभव नहीं था। सारी नदियाँ कम-से-कम विरोध के रास्ते को अपनाती हैं और अच्छा ही है कि वे ऐसा करती हैं, लेकिन प्रकृति नहीं चाहती थी कि मनुष्य ऐसे किसी रास्ते पर चले। —इसी पुस्तक से विश्वप्रसिद्ध मोटिवेशन लेखक नेपोलियन हिल की ऐसी पुस्तक, जो आपको अपनी आदतों को सुधार कर जीवन में सफल होने का व्यावहारिक ज्ञान देगी।
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