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Mere Haath Mere Hathiyaar

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Mere Haath Mere Hathiyaar
No. Of Views: 747
₹199
Reward Points: 498
वह दुनिया के बेहद खतरनाक 12 योद्धा थे, जो बर्मा के खौफनाक जंगल में एक ख़ास षड्यंत्र के तहत जमा हुए थे । आखिर क्या उद्देश्य था उनका ? क्यों जमा हुए थे वह ? जंगल वॉरफेयर पर लिखा गया 'कमांडर करण सक्सेना सीरीज' का एक बेहद अद्भुत उपन्यास, जिसे आप बारम्बार पढ़ना चाहेंगे । कमांडर करण सक्सेना सीरीज़, जो आज हिंदी उपन्यास जगत में मील का पत्थर बन चुकी है । इस अकेली सीरीज के अभी तक 59 उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। COMMANDER'S BIO- वह भारत की सर्वोच्च जासूसी संस्था रॉ का एजेंट है । वह काले रंग का लम्बा ओवरकोट और काला गोल क्लेंसी हैट पहनता है । उसे .38 कैलीबर की कोल्ट रिवाल्वर पसंद है, जिसे वह हमेशा अपने ओवरकोट की जेब में रखता है । जबकि दूसरी कोल्ट रिवाल्वर अपने काले गोल क्लेंसी हैट की ग्लिप में फंसाकर रखता है, जो विपरीत परिस्थितियों में उसके बहुत काम आती है । कमाण्डर को आदत है कि वह रिवाल्वर हाथ में आते ह..
Pustak Details
Sold By Book cafe Publication
Author Amit Khan
ISBN-10 8194198828
ISBN-13 9788194198826
Edition 1
Format Paperback
Language Hindi
Publication Year 2019
Category Fiction

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Book Description

Mere Haath Mere Hathiyaar

वह दुनिया के बेहद खतरनाक 12 योद्धा थे, जो बर्मा के खौफनाक जंगल में एक ख़ास षड्यंत्र के तहत जमा हुए थे । आखिर क्या उद्देश्य था उनका ? क्यों जमा हुए थे वह ? जंगल वॉरफेयर पर लिखा गया 'कमांडर करण सक्सेना सीरीज' का एक बेहद अद्भुत उपन्यास, जिसे आप बारम्बार पढ़ना चाहेंगे । कमांडर करण सक्सेना सीरीज़, जो आज हिंदी उपन्यास जगत में मील का पत्थर बन चुकी है । इस अकेली सीरीज के अभी तक 59 उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। COMMANDER'S BIO- वह भारत की सर्वोच्च जासूसी संस्था रॉ का एजेंट है । वह काले रंग का लम्बा ओवरकोट और काला गोल क्लेंसी हैट पहनता है । उसे .38 कैलीबर की कोल्ट रिवाल्वर पसंद है, जिसे वह हमेशा अपने ओवरकोट की जेब में रखता है । जबकि दूसरी कोल्ट रिवाल्वर अपने काले गोल क्लेंसी हैट की ग्लिप में फंसाकर रखता है, जो विपरीत परिस्थितियों में उसके बहुत काम आती है । कमाण्डर को आदत है कि वह रिवाल्वर हाथ में आते ही उसे तीन बार अपनी उँगलियों के गिर्द घुमाकर उसे बैरल की तरफ से पकड़ता है, इसे जगलरी करना कहा जाता है । कमाण्डर को “डनहिल” सिगरेट पसंद है । लड़कियों में उसकी विशेष दिलचस्पी है और देखा गया है कि सुन्दर लड़कियां भी कमाण्डर में ख़ास रुचि रखती हैं । AUTHOR'S BIO अमित खान का जन्म गाज़ियाबाद जनपद के पिलखुवा कस्बे में हुआ । उनके द्वारा लिखी गयी पहली कहानी मात्र १२ वर्ष की अल्प आयु में और पहला उपन्यास मात्र १५ वर्ष की आयु में प्रकाशित हो गया था, जो संभवत विश्व रिकॉर्ड है । उनके द्वारा लिखी गयी कहानियाँ बहुत कम आयु में ही देश की बड़ी-बड़ी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं । देश के बड़े प्रकाशन संस्थानों द्वारा अभी तक उनके द्वारा लिखे गये १०० से ज्यादा उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं ।
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