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टूटी फूटी इक ख्वाइश है मेरी। इक हल्की सी गुज़ारिश है मेरी ।बेइंतेहा चाहतों  में लिपटी,इक सहमी  सी सिफ़ारिश है मेरी ...रमेन्द्र कुमार (रमेन) राष्ट्रीय  पुरस्कार से सम्मानित लेखक हैं। इन्होंने लेखन की प्रायः हर विधा जैसे फ़िक्शन, व्यंग, यात्रा  संस्मरण एवं कविताओं के  लेखन का कार्य किया है। इन्होंने अब तक कुल 28  पुस्तकें लिखी हैं जिनका अनुवाद कई भारतीय और  विदेशी भाषाओं मे किया जा चुका है। इनकी रचनाएँ अंतर्राष्ट्रीय और  राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुकी हैं एवं संग्रहीत हैं। 2014 में प्रकाशित इनके उपन्यास 'मोहिनी' का प्रथम संस्करण  मात्र एक हफ्ते में ही पूर्ण रूप से बिक गया। इनकी प्रथम नॉन-फ़िक्शन रचना 'इफेक्टिव पेरेंटिंग' भी काफी सराही जा रही है। रमेन अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कथा वाचक और प्रेरणात्मक वक्ता हैं जो श्रोताओं के बीच अपनी अमिट छाप छोड़ने की क्षमता रखते हैं। इन्होंने 'जगन्नाथ संस..
Pustak Details
Sold ByAuthor's Ink
AuthorRamendra Kumar
ISBN-139789385137327
FormatPaperback
LanguageEnglish

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Book Description

Inteha

टूटी फूटी इक ख्वाइश है मेरी। 

इक हल्की सी गुज़ारिश है मेरी ।

बेइंतेहा चाहतों  में लिपटी,

इक सहमी  सी सिफ़ारिश है मेरी ...


रमेन्द्र कुमार (रमेन) राष्ट्रीय  पुरस्कार से सम्मानित लेखक हैं। इन्होंने लेखन की प्रायः हर विधा जैसे फ़िक्शन, व्यंग, यात्रा  संस्मरण एवं कविताओं के  लेखन का कार्य किया है। इन्होंने अब तक कुल 28  पुस्तकें लिखी हैं जिनका अनुवाद कई भारतीय और  विदेशी भाषाओं मे किया जा चुका है। इनकी रचनाएँ अंतर्राष्ट्रीय और  राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुकी हैं एवं संग्रहीत हैं। 2014 में प्रकाशित इनके उपन्यास 'मोहिनी' का प्रथम संस्करण  मात्र एक हफ्ते में ही पूर्ण रूप से बिक गया। इनकी प्रथम नॉन-फ़िक्शन रचना 'इफेक्टिव पेरेंटिंग' भी काफी सराही जा रही है। 

रमेन अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कथा वाचक और प्रेरणात्मक वक्ता हैं जो श्रोताओं के बीच अपनी अमिट छाप छोड़ने की क्षमता रखते हैं। इन्होंने 'जगन्नाथ संस्कृति' पर देश-विदेश में  अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया है। 'इंतेहा' इनके गीत एवं ग़ज़ल का प्रथम संग्रह है। 

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