Hello Reader
Books in your Cart

General

For General Topics, this way please.
 मार्ग दर्शक चिन्तन
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
 मार्ग दर्शक चिन्तनद्वारा ..प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव विदग्ध जीवन में विचारो का महत्व सबसे अधिक होता है . हमारे प्रत्येक कार्य व्यवहार हमारे विचारो पर निर्भर करते हैं . विचारो की परिपक्वता के लिये चिंतन मनन जरूरी होता है . सकारात्मक चिंतन मनुष्य को नई दिशा देता है . ऐसे ही छोटे छोटे वैचार..
₹170 ₹200
 स्वयं प्रभा सरस कवितायें
-25 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
प्रो सी बी श्रीवास्तव विदग्ध गीत व सम सामयिक कविताओ व गजलो के परिपक्व हस्ताक्षर हैं . इस संग्रह में उनकी अनेक सरस कवितायें संग्रहित हैं संक्षिप्त परिचय प्रो.सी.बी.श्रीवास्तव "विदग्ध"वरिष्ठ साहित्यकार , कवि , अर्थशास्त्री , शिक्षाविद् बंगला नम्बर ओ.बी.११ विद्युत मंडल कालोनी , रामप..
₹113 ₹150
This is an English-fiction story titled 'It's Not OnlyLove…’. It traces the journey of a group of friends from theITES industry – right from their schooling years throughtheir college days, right up to their working years. The storyis spread over 11 chapters that are essentially stages oftheir lives..
₹249
Publisher: Leadstart Publishing Pvt Ltd by: Chitta Rajan
The forests of Eastern India, during the late years of the British Raj, were rife with stories about a mythical maiden riding a wild pachyderm. On a train ride through these deep jungles, a series of strange events unfold to pique the curiosity of Raj Narayan, the crown prince of Paschim Behar. Two ..
₹340 ₹349
अंतर्ध्वनि , 142  गेय कवितायें
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
कविता को समझने के लिये जरूरी है कि कवि को समझा जावे , उसके परिदृश्य , उसकी जिजिविषा , उसके रचना कर्म को प्रभावित करते ही हैं . अंतर्ध्वनि की समस्त १४२ गेय कवितायें प्रो सी बी श्रीवास्तव विदग्ध को समझे बगैर अधूरी हैं . उन्होने दिल से देश के लिये समाज और साहित्य के लिये जो रचनायें की हैं वे संग्रहित ह..
₹128 ₹150
अनुगुंजन ,गीत व कवितायें
-25 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
अनुगुंजनप्रो सी बी श्रीवास्तव की कविताओं में सरलता , सरसता, गेयता तथा दिशा-बोध बहुत साफ दिखाई देते हैं। विचारों की दृढ़ता तथा भावों की स्पष्टता के लिये उदाहरण स्वरूप अनुगुंजन से निम्नलिखित पंक्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं–:मंजिल कोई दूर नहीं है, चलने का अभ्यास चाहिये।दूरी स्वयं सिमट जाती है, मन का ..
₹113 ₹150
बिजली का बदलता परिदृश्य
-15 %
by: Vivek Ranjan Shrivastav
बिजली का बदलता परिदृश्यबिजली का एक बटन दबाते ही हमारी दुनिया बदल जाती है. अन्धेरा दूर हो जाता है.ज़रूरत के मुताबिक या तो गर्मी छू मंतर हो जाती है या ठण्ड अपना दामन समेट लेती है.बिजली हमारे जीवन के लिए किसी सौगात से कम नहीं है.लेकिन इस वैज्ञानिक सौगात के बारे में अभी तक हिंदी में बहुत ज़्यादा  जान..
₹128 ₹150
मानस के मोती
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
वैचारिक चिंतन मंथन से रोजमर्रा की जिंदगी में भटके हुये मन का  पथ प्रदर्शन होता है . कम से कम सारगर्भित शब्दों में छोटे छोटे आलेखो के जरिये लेखक ने जैसे मन मानस का मंथन करके पाठको के लिये निचोड़ प्रस्तुत किया है . हर आलेख गुनने , सुनने , चिंतन करने और जीवन में उसके अनुसार व्यवहार करने को प्रेरित ..
₹128 ₹150
मानस मंथन ,लेखो का संग्रह
-15 %
by: Chitra Bhushan Shrishtav
मानस मंथनराम चरित मानस गोस्वामी तुलसीदास कृत ऐसा महान ग्रंथ है जिसने देश से सुदूर भी सूरीनाम , इंडोनेशिया , दक्षिण अफ्रिका जैसे देशो मे ले जाये गये मजदूरो को भी सतत जीवंत प्रेरणा दी .मानस ने हमारी संस्कृति को तब भी जीवंत बनाये रखने में बड़ा योगदान दिया जब विदेशी आक्रांता देश को छिन्न भिन्न करने में ल..
₹106 ₹125
मेरे प्रिय व्यंग लेख
-25 %
by: Vivek Ranjan Shrivastav
मेरे प्रिय व्यंग लेखव्यंग ऐसी विधा है जिसके द्वारा कटाक्ष और परिहास के माध्यम से वह सब भी कहा जा सकता है जो सीधे सीधे कहना संभव नही होता ,समाज की विसंगतियो पर गुदगुदाते हुये प्रहार करके सुधार का रास्ता दिखलाना व्यंगकार का दायित्व होता है .  विवेक रंजन श्रीवास्तव जी व्यंग के सशक्त हस्ताक्षर हैं ..
₹53 ₹70
हिंदोस्तां हमारा , नाटक
-15 %
by: Vivek Ranjan Shrivastava
हिंदोस्तां हमाराद्वारा विवेक रंजन श्रीवास्तवम. प्र साहित्य अकादमी से पुरस्कृत नाटक संग्रहस्कूल में या अन्य अवसरो पर बच्चो के द्वारा अभिनित किये जाने लायक , शिक्षाप्रद छोटे छोटे नाटक इस पुस्तक में शामिल हैं . हर एकांकी बच्चो के लिये एक संदेश लिये हुये है . पुस्तक के  नाटको को अनेक पुरस्कार मिल च..
₹85 ₹100
 Introspection
-25 %
Publisher: Leadstart Publishing Pvt Ltd by: J N Bandyopadhyay
Being requested by his colleagues, Ranjan accepted the farewell as it was his childhood dream receiving it akin to that of his great grandfather and maternal grandfather. His colleagues were recalling sweet memories of his long service, which Ranjan continued even after the farewell ended. Ranjan re..
₹71 ₹95
Showing 1 to 12 of 516 (43 Pages)
Raise your Query?
Let's help