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चाँदनी रात में तुम

 चाँदनी रात में तुम
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चाँदनी रात में तुम
  • Author Name: Renuka,
  • ISBN: 9789384312640
  • Total Pages: 96
  • Edition: 1st Edition
  • Book Language: Hindi
  • Available Book Formats:Paperback
  • Year: 2016
  • Stock Status: In Stock
  • ISBN-13: 9789384312640

No. Of Views: 3069
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 "चाँदनी रात में तुम" एक ऐसी कविता संग्रह है जिसमें मैने कविताओं को प्रेम और विरह के रंग में ढ़ाल ने की कोशिश की है। इस काव्य धारा में कहीं राधिका के प्यार झलकता है तो कहीं विरह का दर्द को उकेरा है। किसी कविता में प्रेमिका के दिल की प्रेम को कविता में बहाने की कोशिश की तो कहीं प्रिय को खोने का डर, कहीं मासूम प्यार को न भूल पाने का दर्द फिर कहीं विरहाग्नि में प्रज्वलित होने का एक एहसास। यह भी प्रेम का एक प्रतिरूप है। इस सोच को विभिन्न ढांचे में ढालने का यह मेरा एक प्रयास मात्र है। कहीं माँ का प्रेम अपने बच्चों से तो कहीं देश से सदभावना व प्रेम को उभारा है। प्रेम सिर्फ व नहीं जो एक प्रेमी जोड़ियों के बीच के दिल का रिश्ता है, ये वो प्रेम भी है जो खून के रिश्तों को दिलों से बाँधे रखती है। प्यार ममता, स्नेह, देश भक्ती भी तो प्रेम ही हैं। ये किताब ऐसे ही एक प्रेम का गुलदस्ता है। ..
Pustak Details
AuthorRenuka
ISBN-139789384312640
FormatPaperback
LanguageHindi
Pages96
Publication Year2016

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Book Description

 "चाँदनी रात में तुम" एक ऐसी कविता संग्रह है जिसमें मैने कविताओं को प्रेम और विरह के रंग में ढ़ाल ने की कोशिश की है। इस काव्य धारा में कहीं राधिका के प्यार झलकता है तो कहीं विरह का दर्द को उकेरा है। किसी कविता में प्रेमिका के दिल की प्रेम को कविता में बहाने की कोशिश की तो कहीं प्रिय को खोने का डर, कहीं मासूम प्यार को न भूल पाने का दर्द फिर कहीं विरहाग्नि में प्रज्वलित होने का एक एहसास। यह भी प्रेम का एक प्रतिरूप है। इस सोच को विभिन्न ढांचे में ढालने का यह मेरा एक प्रयास मात्र है। कहीं माँ का प्रेम अपने बच्चों से तो कहीं देश से सदभावना व प्रेम को उभारा है। प्रेम सिर्फ व नहीं जो एक प्रेमी जोड़ियों के बीच के दिल का रिश्ता है, ये वो प्रेम भी है जो खून के रिश्तों को दिलों से बाँधे रखती है। प्यार ममता, स्नेह, देश भक्ती भी तो प्रेम ही हैं। ये किताब ऐसे ही एक प्रेम का गुलदस्ता है।
 

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