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Aao Neev Rakhe Ujale Ki - आओ नींव रखें उजाले की

Aao Neev Rakhe Ujale Ki - आओ नींव रखें उजाले की
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Aao Neev Rakhe Ujale Ki - आओ नींव रखें उजाले की
  • Author Name: Balika Sengupta,
  • Total Pages: 88 Pages
  • Edition: 1st Edition
  • Book Language: Hindi
  • Available Book Formats:Paperback
  • Year: 2016
  • Brand: OnlineGatha
Product Views: 1161
₹170
₹185
Reward Points: 470
कविताओं को एक काव्य-संकलन के रूप में देखने की, अपने बच्चों और भाई-बहनों की अभिलाषा ने भी मुझे इस काव्य-संकलन को आप तक पहुँचाने के मार्ग में सतत् चलते रहने के लिए प्रेरित किया है। यूँ समझ लीजिए, जिदंगी हर इंसान की यात्रा में उसकी अग्नि परीक्षा लेती है, मैंने भी दी। बस मैने चिंगारी बनकर बाहर आना अस्वीकार कर दिया। जिदंगी की अग्नि परीक्षा में, घनघोर आँधी-तूफानों रूपी झंझावात में, खुद को गलाया, तपाया और आभूषण रूप में बाहर निकल आयी। आप सब मेरी इस बात से सहमत होंगे कि हम सब के मन के भीतर एक कोना अवश्य होता है, जो कि हम हमेशा बचाकर रखना चाहते हैं। कभी किसी बगीचे के रूप में हम वहाँ सायंकाल विचरण करते हैं, या कभी किसी मंदिर के रूप में मन के उस कोने में जाकर हम ईश-अराधना भी करते हैं, दोस्तों को याद करना हो या जिंदगी के शौक, जुनून और सपनों, जिनके लिए हम सभी जीते हैं, उन सभी के पते हमें मन के इसी कोने ..

Book Details

Pustak Details
Sold ByOnlineGatha
AuthorBalika Sengupta
FormatPaperback
LanguageHindi
Pages88 Pages
Publication Year2016

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Book Description

कविताओं को एक काव्य-संकलन के रूप में देखने की, अपने बच्चों और भाई-बहनों की अभिलाषा ने भी मुझे इस काव्य-संकलन को आप तक पहुँचाने के मार्ग में सतत् चलते रहने के लिए प्रेरित किया है। यूँ समझ लीजिए, जिदंगी हर इंसान की यात्रा में उसकी अग्नि परीक्षा लेती है, मैंने भी दी। बस मैने चिंगारी बनकर बाहर आना अस्वीकार कर दिया। जिदंगी की अग्नि परीक्षा में, घनघोर आँधी-तूफानों रूपी झंझावात में, खुद को गलाया, तपाया और आभूषण रूप में बाहर निकल आयी। आप सब मेरी इस बात से सहमत होंगे कि हम सब के मन के भीतर एक कोना अवश्य होता है, जो कि हम हमेशा बचाकर रखना चाहते हैं। कभी किसी बगीचे के रूप में हम वहाँ सायंकाल विचरण करते हैं, या कभी किसी मंदिर के रूप में मन के उस कोने में जाकर हम ईश-अराधना भी करते हैं, दोस्तों को याद करना हो या जिंदगी के शौक, जुनून और सपनों, जिनके लिए हम सभी जीते हैं, उन सभी के पते हमें मन के इसी कोने में मिलते हैं।